Best Village Shayari in Hindi
जो मेरे गांव के खेतों में भूख उगने लगी
मेरे किसानों ने शहरों में नौकरी कर ली
बस फसल खराब है मेरी गांव की,
इंसानी नस्लें खराब है तेरे शहर की
बचपन में गांव से शहर आने में खुशी मिलती थी,
बड़े हुए तो शहर से गांव , आने में खुशी मिलती है
थक गया है हर शख्स काम करते-करते,
और तू शहर को अमीरी का बाजार कहता है
गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा
एक ही रंग है दुनिया को जिधर से देखा
Village Life In Hindi Shayari
बता ऐ अब्र मुसावात क्यूँ नहीं करता
हमारे गाँव में बरसात क्यूँ नहीं करता
परियों ऐसा रूप है जिस का लड़कों ऐसा नाँव
सारे धंदे छोड़-छाड़ के चलिए उस के गाँव
शहर की इस भीड़ में चल तो रहा हूँ
ज़ेहन में पर गाँव का नक़्शा रखा है
गांव ना पाते थे पूरे नंगे पांव,
पैर जलने लगे जब से
डिग्री सेल्सियस समझ आया
अख़रोट खाएँ तापें अँगेठी पे आग आ
रस्ते तमाम गाँव के कोहरे से अट गए
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गांव की सुंदरता पर शायरी
इक पल को भी सुकून न हासिल हुआ वहाँ
शहरों से अच्छा गाँव का छप्पर लगा मुझे
ख़ोल चेहरों पे चढ़ाने नहीं आते हमको
गांव के लोग हैं हम शहर में कम आते हैं
गाँव में बड़े होने पर भी बच्चों को माँ-बाप डांटते है,
ऐसा लगता है जैसे अपनापन और खुशियाँ बांटते है
हसीन वादियों में जब चलती है, हवा की मतवाली
लारा के झूम उठते हैं, सरसो और गेहूं की बाली
कभी पूछो अहमियत मेरे गांव की उनसे
चार पैसे कमाने जो इसे छोड़ कर गए हैं,
गली गली में थे यार दोस्त उनके
ना जाने कितने दिलो को वो तोड़ कर गए हैं
Village Love Shayari in Hindi
वह सुकून वह खुशियां इस दुनियादारी में कहां
जो खुशियां ममता की छांव में मिलेगी
और तुम किन की बातों में आ गए दोस्त
मेरी असलियत की तस्वीर मेरे गांव में मिलेगी
Hasin wadiyon me jab chalti hai hawa ki matwali,
lara ke jhum uthate hai , sarso aur gehu ki bali
Gaav me dikhati nahiu hai tarkki ki nishani,
magar yahan subah hoti hai badi suhani
Bas fasal kharab hai meri gav ki,
insani nasle kharab hai tere shahar ki
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