नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम Zakir Khan Shayari in Hindi का बेहतरीन संग्रह लेकर आया हूँ जो आपको जरुर पसंद आएगा, जाकिर खान भारत एक प्रसिद्ध कॉमेडियन और कवि हैं अपने परफॉर्मेंस से लोगों के दिल को छूने वाली शायरी लिखते हैं। उनकी शायरी में लोगों की भावनाओं और अनुभवों का मिश्रण होता है जो दर्शकों को बेहद पसंद आते हैं।
इस लेख में आपको Zakir Khan Poem Lyrics, Zakir Khan Shayari on Friendship और Zakir Khan Quotes in Hindi जैसी बहुत खूबसूरत शायरी मिलेगी जिसको आप अपने सोसल मिडिया पर स्टेटस, पोस्ट या कैप्शन के रूप में लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

Zakir Khan Shayari on Success
लोग कहते हैं वक़्त सब कुछ ठीक कर देता है
पर कुछ यादें वक्त से भी ज्यादा दर्द देती हैं
मेरे इश्क़ से मिली है तेरे हुस्न को ये शोहरत
तेरा ज़िक्र ही कहां था, मेरी दास्तान से पहले
अपने आप के भी पीछे खड़ा हूं मैं
जिंदगी कितना धीरे चला हूं मैं
दोस्ती का हिसाब कभी रखा नहीं जाता
जो दिल के करीब हो उसे परखा नहीं जाता
तेरी बेवफाई के अंगारो में लिप्ति रही यूं रूह मेरी
मैं इस तरह आग न होता, जो हो जाति तू मेरी
Zakir Khan Shayari in Hindi

तुम्हारी हँसी मेरे दिन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है
जिस दिन तुम मुस्कुरा दो, वो दिन खास हो जाता है
हम दोनों में बस इतना सा फर्क है उसके सब लेकिन
मेरे नाम से शुरू होते हैं, और मेरे सारे “काश” उस पर आ कर रुकते हैं
जिंदगी से कुछ ज्यादा नहीं, बस इतनी सी फरमाइश है
अब तस्वीर से नहीं तफ़सील से मिलने की ख्वाहिश है
वक्त बदलता रहा, लोग बदलते रहे
पर कुछ दोस्त थे जो हर दौर में साथ रहे
अब कोई हक़ से हाथ पकड़कर महफ़िल में दोबारा नहीं बैठाता
सितारों के बीच से सूरज बनने के अपने ही नुक़सान हुआ करते हैं
ज़ाकिर खान की बेस्ट शायरी 2026

अब वह आग नहीं रही, न शोलों जैसा दहकता हूँ
रंग भी सब के जैसा है, सब सा ही तो महकता हूँ
हर बार हारा नहीं हूँ मैं बस कुछ सबक सीख गया हूँ
ज़िंदगी ने गिराया बहुत पर हर बार खुद को उठाया हूँ
मैं वक्त और तुम कयामत देखना,
जब हम मिलेंगे तो इस कायनात में सब कुछ रुक जाएगा
तुम पास हो तो हर कमी पूरी लगती है
तुम दूर हो तो सारी दुनिया अधूरी लगती है
Zakir Khan Shayari on Ghar

एकतरफ़ा प्यार बड़ा शरीफ़ होता है
दूसरे की खुशी में ही अपनी हार मान लेता है
हमने ज़िन्दगी को बहुत करीब से देखा है
कभी हँसाई है, तो कभी रुलाया है
हर एक दस्तूर से बेवफ़ाई मैंने शिद्दत से निभाई है,
रास्ते भी खुद हैं ढूँढे, और मंज़िल भी खुद ही बनाई है
जो लोग हंसते हुए गिरते हैं, वही सबसे तेज़ उठते हैं
क्योंकि हार के डर से नहीं, जिओ के जुनून से जीते हैं
Zakir Khan Shayari on Friendship

गर यकीन ना हों तो बिछड़ कर देख लो
तुम मिलोगे सबसे मगर हमारी ही तलाश में
मेरी जमीन तुमसे गहरी रही है
वक़्त आने दो, आसमान भी तुमसे ऊंचा रहेगा
हर एक दस्तूर से बेवफाई, मैं शिद्दत से है निभाई
रास्ते भी खुद है धुंधे, और मंजिल भी खुद बनाई
मोहब्बत का सबसे मुश्किल हिस्सा इंतज़ार नहीं
ये जानना है कि सामने वाला कभी तुम्हारा था ही नहीं
मेरे दो चार ख्वाब है जिन्हे मैं आसमा से दूर चाहता हूं
ज़िंदगी चाहे गुमनाम रहे, लेकिन मौत मैं मशहूर चाहता हूं
Zakir Khan Shayari on One Sided Love

तेरे इश्क़ में खोकर, दुनिया भूल गया मैं
तेरे प्यार की खुशबू से महक गया मैं
जिसे खोने का डर सबसे ज़्यादा था
आखिर वही सबसे दूर चला गया
कठिन रास्ते ही मंज़िल तक ले जाते हैं
आसान सफ़र तो बस लोगों को भटका देते हैं
जिंदगी से कुछ ज्यादा नहीं, बस इतनी सी फरमाइश है
अब तस्वीर से नहीं तफ़सील से मिलने की ख्वाहिश है
Zakir Khan Quotes in Hindi

तुम्हें पाने की उम्मीद तो कब की छोड़ दी मैंने
मगर तुम्हें चाहने की आदत आज भी बाकी है
इश्क को मासूम रहने दो नोटबुक के आखिरी पन्ने पर
आप इस्तेमाल किताब में डालकर मुश्किल न कीजिए
मेरे इश्क़ से मिली है तेरे हुस्न को ये शोहरत
तेरा ज़िक्र ही कहां था, मेरी दास्तान से पहले
ज़िंदगी की राह में जो रुकते हैं, वही थक जाते हैं
जो चलते हैं, वही मंज़िल तक पहुँच पाते हैं
ज़िंदगी से कुछ ज़्यादा नहीं बस इतनी सी फरमाइश है,
अब तस्वीर से नहीं, तफ़सील से मिलने की ख्वाहिश है
Zakir Khan Shayari on Love
एक तरफ़ा प्यार में शिकायत किससे करें
दिल भी अपना था और पसंद भी अपनी थी
मेरी अपनी और उसकी आरज़ू में फर्क ये था
मुझे बस वो और उसे सारा जमाना चाहिए था
हर मुश्किल में जो साथ खड़ा मिल जाए
यार वही है जो बिना बुलाए चला आए
तुम्हें देखकर अब दिल को सुकून मिलता है
जैसे भटकते मुसाफिर को अपना घर मिल जाता है
तेरी बेवफाई के अंगारो में लिप्ति रही यूं रूह मेरी।
मैं इस तरह आग न होता, जो हो जाति तू मेरी
Emotional Zakir Khan Shayari
बेवजह बेवफाओं को याद किया है,
गलत लोगों पर बहुत वक्त बरबाद किया है
मेरी जमीन तुमसे गहरी रही है,
वक़्त आने दो, आसमान भी तुमसे ऊंचा रहेगा
एक तरफ़ा मोहब्बत की भी अपनी ही कहानी होती है
जिसे चाहो वही किसी और की ज़िंदगी होती है
मेरा सब बुरा भी कहना अच्छा भी सब बताना
जाउ जब इस दुनिया से मेरा दास्तान सुनाना
कुछ लोग ज़िंदगी में ऐसे मिल जाते हैं
जो दोस्त कम, अपनो जैसे लग जाते हैं
Zakir khan best shayari
ना चाँद चाहिए, ना सितारों की ख्वाहिश है
बस तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में रहे, यही काफी है
बड़े महंगे थे पर अब सस्ते में नहीं आएंगे
आज के बाद तेरे रस्ते में नहीं आएंगे
मैं चाह कर भी, तुम जैसा नहीं बन पाया।
देखो ना…तुम तो आगे बढ़ गए, पर में कहां बढ़ा पाया
ज़मीन पर आ गिरे जब आसमां से ख़्वाब मेरे
ज़मीन ने पूछा क्या बनने की कोशिश कर रहे थे
हर एक दस्तूर से बेवफाई, मैंने शिद्दत से है निभाई
रास्ते भी खुद है धुंधे, और मंजिल भी खुद बनाई
Zakir khan shayari batane ki baat nahi
ज़िंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं जो याद बन जाते हैं
और कुछ दोस्त ऐसे जो परिवार बन जाते हैं
मंज़िल की तलाश में हर बार गिरना जरूरी है
गिरते हैं तो सीखते हैं, रुकते हैं तो हार जाते हैं
मोहब्बत की राह में बस तेरा ही नाम लिया
तेरी यादों में मैंने अपना हर ख़्वाब पाया
माना कि तुम को भी इश्क़ का तजुर्बा काम नहीं
हमनें भी तो बगों में हैं कई तितलियां उड़ाई
Zakir Khan Poem Lyrics
Meri aukaat mere sapnon se itni bar hari hai ki,
Ab usane bich ein bolna hi band kar diya hai
Tum bhi kamaal karte ho,
Ummiden isaan se laga kar shikwe Bhagwan se karte ho
Hazaron baar suney hue gaane ka lyrics agar achanak se acchha lagne lagjaaye,
toh babu samajh jao ki emotional watt lagane hi wali hai.
Woh titli ki tarah aayi aur Zindagi ko baag kar gayi,
Mere jitne napak the iraade unhe bhi paak kar gayi.
Ek arse se hun thaame, kashti ko bhanwar mein,
tufaan se bhi jyada sahil se siharata hun.
Zakir Khan Poetry in Hindi & English
Kya apni chhoti Ungli se uska bhi Haath thaam liya karti ho tum,
Kya waise hai jaise Mera thhama karti thi?
Ab wah aag nahi rahi, na sholon jaisa dehekata hun,
rang bhi sab ke jaisa hai sabse hi to mahekata hun
Wo kaun hai bhai is baat ka sabse bada hissa,
Iss baat ka hota hai ki wo kahan se aaya hai
Bus ka intazar karte hue, metro mein khade khade,
Chalte rikshaw mein baithe hue, Gehre shunya mein kya dekhte rehte ho?
Gum chehra liye yeh kya sochte rehte ho? Kya khoya kya paaya ka,
Hisab nahi laga paaye na iss baar bhi. Ghar nahi ja paaye na iss baar bhi.
Ab koi haq se hath pakadkar mehfil mein dobara nahi baithaata.
Sitaaron ke beech se suraj banne ke kuch apne hi nuksaan hua karte hai.
Main Waqt aur tum kayamat dekhna,
jab ham milenge to is kayanaat mein sab kuchh ruk jaayega
Zakir Khan Shayari in English
Kamyaabi tere liye humne khud ko kuch yun taiyyar kar liya,
Maine hr jazbaat baazar mein rakh kr ishtehaar kar liya
Main waqt aur tum kayamat dekhna,
jab ham milenge toh iss kayanaat mein sab kuch ruk jaayega
Jitna tajaab mila duniya se, usi ki sharab bechta hun,
jillate cchaton par taang, asma ko khwab bechta hun.
Mere kuch sawaal hai jo sirf Qayamat ke roz puchunga tumse,
Kyuki uske pehle tumhari aur meri baat ho sake is laayak nahi ho tum.
Har ek copy ek peeche kucch na kuch khaas likha hai,
Bas iss tarah tere mere Ishq ka Itihass likha hai.
Tu Duniya me chaahe jahan bhi rahe,
Apni Diary mein maine tujhe paas likha hai.
Zindagi se kuch zyaada nahi, bas itni si farmaaish hai.
Ab tasveer se nahi tafseel se milne ki khwaaish hai.
Ishq ko maasoom rehne do notebook ke aakhri panne par.
Aap use kitaabon mein daalkar mushkil na kijiye.
Bahut maasum ladki hai ishq ki baat nahi samajhati na jaane,
kis din mein khoyi rahti, meri raat nahi samajhati
Mein chah kar bhi, tum jaisa nahi ban paya.
Dekho na…Tum toh aage badh gaye, par mein kahaan badh paaya.
Apne aap ke bhi peeche Khada hoon mein,
Zindagi kitna dheere chala hoon mein.
Bewajah bewafao ko yaad kiya hai,
galat logon pe bahut waqt barbad kia hai
Ab woh aag nahi rahi, na Sholon jaisa dehekta hoon.
Rang bhi sab ke jaisa hai, sabsa hi to Mehekta hoon.
Ek arse se hoon thhame Kashti ko Bhavar mein,
Toofaan se bhi jyada Saahil se Siharta hoon.
Har ek Dastur se bewafai mein shiddat se hai Nibhai,
raste bhi khud hai dhundhe aur manjil bhi khud banayi
Conclusion
दोस्तों हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट में साझा की गई Zakir Khan Shayari in Hindi, ज़ाकिर खान की बेस्ट शायरी 2026 आपको जरुर पसंद आई होगी और आपने Zakir Khan Shayari on Love के माध्यम से उन भावनाओं को महसूस किया होगा जो आपके दिल के सबसे करीब होती हैं। आपको हमारा आज का ये लेख पढ़कर कैसा लगा कृपया कमेंट करके हमें जरुर बताएं।