126+ Best Kismat Shayari in Hindi | तकदीर किस्मत शायरी 2026

Kismat Shayari in Hindi: किस्मत एक ऐसा शब्द है जो हमारे जीवन के हर पहलू को गहराई से छूता है। जीवन में हमारे सामने आने वाली सभी घटनाएँ और परिस्थितियाँ किसी न किसी रूप में हमारे कर्मों का परिणाम होती हैं। फिर वो चाहे अच्छी हों या बुरी, कर्म का सिद्धांत हमें सिखाता है कि हमारा हर विचार और प्रत्येक क्रिया हमारे जीवन पर प्रभाव डालती है।

इस लेख में, आप Kharab kismat shayari, Luck Shayari, Kismat Shayari in Hindi, shayari on destiny जो आपके जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा से भर देगी। इन कोट्स को पढ़कर आप न केवल अपनी सोच बदलेंगे बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर सकेंगे।

खराब किस्मत शायरी

मैं शिकायत भी करूं तो क्यों करूं

यह तो किस्मत की बात है

मैं तेरे सोच में नहीं हूं कहीं और

तुम मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ यादें है!

अब किस्मत पर कैसा भरोसा जनाब,

जब जान से प्यारे लोग बदल गए,

तो किस्मत भी एक दिन बदल जाएगी।

तक़दीर लिखने वाले एक एहसान करदे

मेरे दोस्त की तक़दीर मैं एक और

मुस्कान लिख दे न मिले कभी दर्द उनको

तू चाहे तो उसकी किस्मत मैं मेरी जान लिख दे

कभी किस्मत, कभी वक़्त पर इल्ज़ाम

कभी गलती सितारों की तो कभी दूसरों का नाम

कितने पर्दे हाज़िर हैं यहां, ख़ुद को छुपाने के लिए

क्यूं हथेली की लकीरों से हैं आगे उंगलियां

रब ने भी किस्मत से आगे मेहनत रखी

किस्मत भी उनका साथ देती है,

जिनमें कुछ कर गुजरने की हिम्मत होती है।

मेरी क़िस्मत की लड़ाई में खुद लड़ूंगा,

चाहें वो मिले ना मिले,

मेरी ज़िन्दगी है मैं खुद जियूंगा।

कितना बेबस है इंसानए किस्मत के आगे!

हर सपना टूट जाता है हकीकत के आगे!

जिसने कभी हाथ न फेलाया हो

वो भी हाथ फेलता है ‘गोलगप्पे वाले’ के आगे!

चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूॅ ए मुक़द्दर,

कुछ चोटें तुझे भी आयी होंगी,

मेरे सपनों को ठोकर मारकर

अगर इश्क़ है तो फिक्र भी बेहद होगी,

उभर गए तो किस्मत, डूब गए तो चाहत होगी।

Best Kismat Shayari in Hindi

Kismat Shayari in Hindi

जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो

जरुरी तो नहीं हम जिसके हैं वो हमारा हो

कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती है

जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो

फिर शान इस शहर को नई आप से मिली

मुस्कान इस शहर को नई आप से मिली

पाकर के साथ आपका किस्मत बदल गयी

पहचान इस शहर को नई आप से मिली।

किसी को प्यार करना और उसी के प्यार को पाना

ये किसी किस्मत वाले कि किस्मत में ही होता है।

कहर हो बला हो जो कुछ हो काश तुम मेरे लिये होते

मेरी किस्मत में गम अगर इतना था दिल भी या रब कई दिये होते 

तकलीफ ये नहीं की किस्मत ने मुझे धोखा दिया

मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नही।

ज़िन्दगी है कट जाएगी

किस्मत है, किसी दिन पलट जाएगी। Luck Shayari

जो क़िस्मत में होगा वो ख़ुद चलकर आएगा,

जो नहीं होगा वो पास आकर भी दूर चला जाएगा। किस्मत पर शायरी

मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो

देर से किस्मत खुलने वालो का दुगुना फायेदा हो

ज़माने से ना डर जरा किस्मत पे भरोसा कर

जब तक़दीर लिखने वाले ने लिखा है साथ

तो फिर किस बात का है दर

किस्मतवालों को ही मिलती है पनाह मेरे दिल में,

यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता

किस्मत तेरी दासी हैं यदि परिश्रम तेरा सच्चा हैं

नियत भी साथ देगा और जीत भी तेरा पक्का हैं

तकदीर किस्मत शायरी

बात मुकद्दर पे आ के रुकी है वरना

कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में

हमें उनसे कोई शिकायत नहीं

शायद हमारी किस्मत में चाहत नहीं

मेरी तकदीर को लिखकर तो ऊपर वाला भी

मुकर गया पूछा तो कहा ये मेरी लिखावट नही

किस्मत पर रोना मैंने छोड़ दिया

अपनी उम्मीदों को मैंने हौसलों से जोड़ दिया

मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हू ऐ खुदा,

किस्मत मे कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे।

लेके अपनी-अपनी क़िस्मत, आए थे गुलशन में गुल,

कुछ बहारों में खिले, कुछ ख़िज़ाँ में खो गए. bhagya par shayari

तकदीर त छे मगर किस्मत नि खुलती

ताजमहल बनाना चाहूँ

मगर ष्मुमताज नि मरती!!

क्या खूब मैनें किस्मत पाई है खुदा ने कहा हंसकर

संभाल कर रख पगले ये मेरी पसंद है जो तेरे हिस्से में आई है

जब भी रब दुनिया की किस्मत में चमत्कार लिखता है.

मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है.

मेरा कसूर नहीं जे मेरी किस्मत का कसूर है

जिसे भी अपना बनाने की कोशिश करता हूँ

वो ही दूर हो जाता है!

जैसे बिछड़ने की जल्दबाजी हो,

मिलकर भी ऐसे बिछड़ना हुआ,

जैसे कायनातए किस्मत की जालसाजी हो।

लोग सच ही कहते हैं किस्मत है एक दिन बदल जाएगी

बनाया अपनी किस्मत जिसे सच एक दिन बदल गई

सच देखना भी हर किसी के वश में नहीं होता,

इंसान भी बेबस है अपनी किस्मत के आगे।

किस्मत पर शायरी

मेरे किस्मत में नहीं,

किस्मत के आगे झुकूँगा नहीं,

थका ज़रूर हूँ, लेकिन रुकूँगा नहीं। 

छत कहाँ थी नसीब में फुटपाथ को ही जागीर समझे

छालों से कटी हथेली हम किस्मत की लकीर समझे

लेके अपनी-अपनी किस्मत, आए थे गुलशन में गुल,

कुछ बहारों में खिले, कुछ ख़िज़ाँ में खो गए। 

बुझी समा भी जल सकता है

हरा हुआ भी जीत सकता है

अगर किस्मत साथ हो। 

मुझ में और किस्मत में हर बार 

बस यही जंग रही, मैं उसके फैसलें से तंग 

और वो मेरे हैसले से दंग रही। 

क़िस्मत वालों को ही मिलती, पनाह मेरे दिल में,

यूं तो हर शख़्स को, जन्नत का पता नहीं मिलता। 

बड़ी गहराई से चाहा है तुझे

बड़ी दुआओं से पाया है तुझे

तुझे भुलाने की सोच भी तो कैसे

किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे!

रुलाया ना कर हर बात पर यह जिंदगी

जरूरी नहीं सबकी

किस्मत में चुप कराने वाले हो!

जमीन और किस्मत एक 

जैसी होती हैं, इंसान जो बोता है,

उसे वैसा ही फल मिलता है । 

जब इंसान की क़िस्मत चलती है,

तो हर बाजार में सबसे ऊंची 

उसकी क़ीमत लगती है। 

तुम मेरा सोया हुआ किस्मत फिर से जगा दो,

एक बार ही सही आकर मुझे गले से लगा लो। 

एक सच्चे इंसान की दुआ

वक्त के साथ-साथ

किस्मत भी बदल देती है

किस्मत शायरी

दिल टुटा इस कदर की धड़कना भूल गया

किस्मत अच्छी थी जो

आपने आकर मेरे दिल को थाम लिया!

मंजूर है मुझे हर शर्त वो तेरी,

मैं किस्मत में नहीं,

खुद पर यकीं रखती हूं।

भाग्य बदलने चला किस्मत पर अपनी रो दिया,

लकीरों में था जो उसके उसने वो भी खो दिया।

किस्मत को बेकार बोलने वालों

कभी किसी गरीब के पास

बैठकर पूछना जिंदगी क्या है

कितने सच कितने अफ़साने, कैसी ये रेखाओं की बस्ती है,

वही मुकम्मल है ताने बाने, जो ये किस्मत बुना करती है।

वक्त और किस्मत पर कभी घमंड ना करे

सुबह उनकी भी होती है जिन्हें कोई याद नही करता!

जब भी खुदा दुनियां की

क़िस्मत में चमत्कार लिखता है,

मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है||

चाँद का क्या कसूर अगर रात बेवफा निकली

कुछ पल ठहरी और फिर चल निकली

उन से क्या कहे वो तो सच्चे थे

शायद हमारी तकदीर ही हमसे खफा निकली !!

किस्मत की बात है,

कल तक मैं उसकी ज़िन्दगी था,

आज ज़िन्दगी में कहीं भी नही हूँ।

किस्मत कि लकीरों में तुम लिखे हो या नही पता नहीं,

पर हाथों की लकीरों पे तुम्हें हर रोज लिखता हूँ।

आपको याद करना मेरी आदत बन गई है

आपका खयाल रखना मेरी फितरत बन गई है

आपसे मिलना ये मेरी चाहत बन गई है

आपको प्यार करना मेरी किस्मत बन गई है।

Kismat Shayari Hindi Mein

किस्मत की कश्ती का माँझी क्यों सो जाता है,

चाँद ढूँढते ढूँढते तारों में खो जाता है।

लिखा है मेरी तक़दीर में तेरा नाम

दुनिया से क्या डरना

चाहे लाख कोशिश कर ले जमाना

मुमकिन नही हमको तुम से जुदा कर पाना!

भाग्य बदलने चला किस्मत पर अपनी रो दिया,

लकीरों में था जो उसके उसने वो भी खो दिया।

एक बात तो पक्की है जिनके दिल बहुतअच्छे होते हैं

अक्सर किस्मत उनकी ही बहुत खराब होती है!

हाथों की लकीर, किस्मत और नसीब,

जवानी में ऐसी बातें लगती है अजीब,

कर्म करके तू लिख दे अपना नसीब,

दुनिया भी कहे इंसान था वो अजीब।

इतना वक्त कहाँ है अपनी किस्मत 

को देखूं, बस अपनी माँ कि मुस्कराहट 

देखकर समझ जाता हूँ अपनी किस्मत अच्छी हैं। 

कभी किस्मत, कभी वक़्त पर इल्ज़ाम,

कभी गलती सितारों की तो कभी दूसरों का नाम,

कितने पर्दे हाज़िर हैं यहां, ख़ुद को छुपाने के लिए। 

कुछ तेरी फ़ितरत में नहीं थी

वफ़ादारी कुछ मेरी किस्मत में बेवफ़ाई थी

वक़्त को क्या दोश दूँ वक़्त ने

तो बस मुहोब्बत आजमाई थी।

खुश नसीब वो नहीं जिन्का नसीब अच्छा है, 

खुश नसीब वो है जो अपने नसीब पर खुश है । 

इंसान की किस्मत कितनी भी अच्छी 

क्यों ना हो, उसकी कुछ ख़्वाहिशे  अधुरी रह ही जाती है!

Kharab Kismat Shayari

मेरी क़िस्मत की लड़ाई में खुद लड़ूंगा,

चाहें वो मिले ना मिले,

मेरी ज़िन्दगी है मैं खुद जीऊंगा। 

किसी कशमकश में रहा होगा खुदा भी

जो उसने मुझे तो तेरी किस्मत में लिखा पर

तुझे मेरी किस्मत में नहीं लिखा।

सच देखना भी हर किसी के वश में नहीं होता,

इंसान भी बेबस है अपनी किस्मत के आगे। 

बहते अश्को की जुबां नहीं होती, 

कभी लब्ज़ो में मोहब्बत बया नहीं होती, 

मिले जो प्यार तो कदर करना,

क्यों की किस्मत हर किसी पे महेरबान नहीं होती। 

मैंने छोड़ दिया है, किस्मत पर यकीन करना,

अगर लोग बदल सकते है, तो किस्मत क्या चीज है।

जिस दिन अपनी किस्मत का सिक्का उछलेगा

उस दिन हेड भी अपना और टेल भी अपना!

एक कसक दिल में दबी रह गई,

जिंदगी में उनकी कमी रह गई,

इतनी उल्फत के बाद भी वह मुझे ना मिली,

शायद मेरी किस्मत में ही कुछ कमी रह गई।

किस्मत और मेहनत में बस इतना 

सा फ़र्क़ है, की किस्मत कभी कभी 

साथ देगी और मेहनत हमेशा साथ देगी। 

हैरान हो जाएंगे देखकर दुनिया वाले 

मेरी बरक़त को, कुछ इस कदर बदल देंगे 

हम अपनी किस्मत को।

अगर इश्क़ है तो फिक्र भी बेहद होगी,

उभर गए तो किस्मत, डूब गए तो चाहत होगी।  

किस्मत की लकीरों ने छोड़ा है 

ऐसे मंज़र पर, की ना दुआ काम 

आ रही है ना दवा काम आ रही है।

Luck Shayari

जिंदगी में चुनौतियाँ, हर किसी के हिस्से में नहीं आती है,

क्योंकि किस्मत भी, किस्मत वालों को ही आजमाती है।

कुछ लोगों को मिल जाता है सबकुछ

कुछ बोलने से ही पहले,

बिन बोले कुछ मिल जाए हमे भी

ऐसा किस्मत हमारा कहा ? 

हर कागज़ की किस्मत नहीं होती 

किताब हो जाना, कुछ कश्ती बनकर 

बारिशों में तैर जाते हैंं!  

कोई छोड़ गया तुम्हे,

तो क्या किस्मत ख़राब हुई तुम्हारी,

चल छोड़ दे ऐसी बेकार की बातें,

छोड़ दे ये दिल की बेकार बीमारी। 

मुझे हाथ की रेखाओं पर इसीलिए 

विश्वास नहीं है, कैद ये मेरी मुठ्ठी में है,

क्या खोलेगी किस्मत मेरी। 

जो मुझे पसंद नहीं करते मुझे 

आदत भी उसकी पड़ी है, 

ऐ क़िस्मत तू कितनी बुरी है।

आज समझ में आया मुझे,

कि प्यार किसी के साथ भी हो जाये,

वो आखरी तक टिकने का कोई भरोसा नहीं,

किस्मत होना भी जरुरी है,

प्यार का सफल होने के लिए। 

मुझे हाथ की रेखाओं पर इसीलिए, विश्वास नहीं है

कैद ये मेरी मुठ्ठी में है, क्या खोलेगी किस्मत मेरी

 न  कोई किसीसे दूर होता हैं,

और न कोई किसीके पास होता हैं,

चल कर आता हैं प्यार खुद उसके पास,

जब किसीका नसीब होता हैं।

किस्मत अपनी अपनी है, किसको क्या सौगात मिले, 

किसी को खाली सीप मिले, किसी को मोती साथ मिले।

ये चालाकियाँ कहाँ मिलती है, कोई हमको भी बताओ ज़रा,

हमें हर कोई ठग लेता है ज़रा सा मीठा बोलकर।

Kismat Shayari 2 lines in Hindi

खुद के लिए गालिया आ रही है 

मेरी जुबां पर, क़िस्मत ने ला 

कर छोड़ा है कुछ ऐसे मक़ाम पर। 

ना कसूर इन लहरों का था, ना कसूर उन तूफानों का था,

हम बैठ ही लिये थे उस कश्ती में, किस्मत में जिसके डूबना था।

दिल अमीर था मगर मुकद्दर गरीब था,

मिलकर बिछड़ना तो हमारा नसीब था,

हम चाह कर भी कुछ कर ना सके,

घर जलता रहा और समंदर करीब था । 

किस्मत कि लकीरों में तुम लिखे हो या नही पता नहीं,

पर हाथों की लकीरों पे तुम्हें हर रोज लिखता हूँ। 

खुद में ही उलझी हुई है जो 

मुझे क्या सुलझाएगी, भला हाथों की 

चंद लकीरें भी क्या क़िस्मत बताएगी। 

एक पल के लिए मान लेते हैं की 

किस्मत में लिखे फैसले,बदला नहीं करते 

लेकिन आप फैसले तो लीजिये क्या पता 

किस्मत ही बदल जाए। 

लेके अपनी अपनी किस्मत आए थे गुलशन में गुल

कुछ बहारों मे खिले और कुछ ख़िज़ाँ में खो गए !

एक बात तो पक्की है, जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं,

अक्सर किस्मत उनकी ही बहुत खराब होती है!

जिसकी किस्मत में लिखा हो रोना

वो मुस्कुरा भी दे तो आंसू निकल जाते हैं । 

किस्मत और हालात दोनों जब साथ ना दे तो

तब उनकी भी सुननी पड़ती है,

जिनकी कोई औकात नही होती । 

वक्त सिखा देता है इंसान को फ़लसफ़ा 

जिंदगी का,फिर तो किस्मत क्या,

लकीर क्या और तक़दीर क्या। 

यूँ ही नहीं होती हाथ की लकीरों के आगे उंगलियाँ, 

खुदा ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है। 

Bhagya Par Shayari in Hindi

अकल कितनी भी तेज ह़ोनसीब के बिना नही जित सकती ,

बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद..

कभी बादशाह नही बन सका ।

अज में बहुत दुखी हु,किसको बतायु इस दुखको ,

कोण मुझे हेल्प करेगा,कोई नही,

ये दुनिए बहती बेरह्हम हैं,

हर पल सिर्फ नसीब में दुःख को दे जाता हैं. 

मेरी क़िस्मत की लड़ाई में खुद लड़ूंगा, 

चाहें वो मिले ना मिले, 

मेरी ज़िन्दगी है मैं खुद जीऊंगा।

अज मेरा मन नही कर रहा हैं,

कल करूँगा कम,हर बार इतना प्रयास करता हु,

मगर सोफोलता क्यों नही मिलता हैं इस नसीब को. 

अब किस्मत पर कैसा भरोसा जनाब,

जब जान से प्यारे लोग बदल गए,

तो किस्मत भी एक दिन बदल जाएगी।

यूँ ही नहीं होती हाथ की,  लकीरों के आगे उंगलियाँ, 

खुदा ने भी किस्मत से, पहले मेहनत लिखी है।

जो क़िस्मत में होगा वो  ख़ुद चलकर आएगा, 

जो नहीं होगा वो पास  आकर भी दूर चला जाएगा।

अगर यकीन होता की कहने से रुक जायेंगे,

तो हम भी हँसकर उनको पुकार लेते,

मगर नसीब को मेरे ये मंजूर नहीं था,

के हम भी दो पल खुशी से गुजार लेते।

कितने सच कितने अफ़साने,  कैसी ये रेखाओं की बस्ती है, 

वही मुकम्मल है ताने बाने, जो ये किस्मत बुना करती है।

हैरान हो जाएंगे देखकर

दुनिया वाले मेरी बरक़त को, 

कुछ इस कदर बदल देंगे 

हम अपनी किस्मत को।

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Kismat par Shayari

उदास मत हो, जिन्दगी ही है, 

कट जायेगी, क़िस्मत ही है, 

किसी दिन पलट जायेगी।

किसी को प्यार करना और उसी

के प्यार को पाना,ये किसी किस्मत

वाले कि किस्मत में ही होता है।

बदलता नहीं ये किस्मत, 

कैसी है इसकी फितरत, 

सोचता हूँ खरीद लू, 

पर लेता नहीं ये रिश्वत।

हूँ `इश्क़ में हारी मैं, पर रो नहीं सकती,

किस्मत की मारी मैं तेरी हो नहीं सकती।

तुझे खो दूँगी एक रोज इस पल खो नहीं सकती

तेरी आँखों में आँसू देकर मैं चैन से सो नहीं सकती।

कुछ लोग किस्मत की तरह होते हैं, 

जो दुआ से मिलते हैं, 

और कुछ लोग दुआ की तरह होते हैं, 

जो किस्मत बदल देते हैं।

2 lines Shayari on Kismat

मोहब्बत की आजमाइश दे 

दे कर थक गया हू ऐ खुदा, 

किस्मत मे कोई ऐसा लिख दे, 

जो मौत तक वफा करे।

नही होती अपनी चाहने से कोई चीज़,

नही होती खुशी हर मुस्कुराहट,

अरमान तो भूख होती है दिल मे,

मगर सही नही होती कभी वक़्त तो कभी किस्मत।

अगर इश्क़ है तो फिक्र भी बेहद होगी, 

उभर गए तो किस्मत, 

डूब गए तो चाहत होगी।

जिनका मिलना किस्मत में नही

होता, उनसे मोहब्बत कसम से

कमाल की होती है।

अच्छे दिल वालो को किस्मत ख़राब होती है,

किस्मत में नहो जिनसे मिलना,

कमाल की होती है उन से मोहब्बत।

अकल कितनी भी तेज ह़ो

नसीब के बिना नही जित सकती ,

बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद..

कभी बादशाह नही बन सका

लेके अपनी अपनी क़िस्मत, 

आए थे गुलशन में गुल, 

कुछ बहारों में खिले, 

कुछ ख़िज़ाँ में खो गए।

जो क़िस्मत में होगा वो ख़ुद चलकर

आएगा,जो नहीं होगा वो पास आकर

भी दूर चला जाएगा।

क़िस्मत वालों को ही मिलती, 

पनाह मेरे दिल में, यूं तो हर शख़्स को, 

जन्नत का पता नहीं मिलता!

किसी को प्यार करना 

और उसी के प्यार को पाना, 

ये किसी किस्मत वाले कि 

किस्मत में ही होता है।

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