Hello friends, in today’s post, we have brought for you a collection of New Bachpan Shayari in Hindi 2026, Hindi Shayari on Childhood. As we all know, childhood is the most beautiful and innocent part of our lives. Whenever we remember our childhood, our eyes well up with tears. In this article, we have shared Bachpan Shayari on life, Bachpan Shayari Status about this phase of life with you.
We hope that reading these Childhood Memories Shayari will remind you of your own childhood once again. But it is said that only memories return, not the time that has passed. You can also share this Bachpan Par Shayari with your friends through social media.
New Bachpan Shayari in Hindi

किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश
तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की
दादी-नानी की कहानी में होता था परियों का फसाना
बचपन था हमारा खुशियों का खजाना
कंधे की जिम्मेदारियों को बढ़ते देखा है,
मैंने अपने अंदर के बचपन को मरते देखा है
ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर
कागज़ की कश्तियों ने उस दिन से तैरना छोड़ दिया है
जिस दिन से बच्चे ने बचपना करना ही छोड़ दिया।
बचपन की यादें शायरी 2026

बचपन समझदार हो गया,
मैं ढूंढता हू खुद को गलियों मे।
फिर से बचपन लौट रहा है शायद,
जब भी नाराज होता हूँ खाना छोड़ देता हूँ
ये दौलत भी ले लो ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझ से मेरी जवानी
मगर मुझ को लौटा दो बचपन का सावन
वो काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी
कैसे कह दू की हम जुदा हो गए, आपकी बचपन की यादें
तो मुझे हर पल सताती है, आपका रूठना और मेरा मानना
बीता बचपन कितना प्यारा था मां-पापा का मैं दुलारा था
सबकी आंखों का तारा था बीता बचपन कितना प्यारा था
Bachpan Status in Hindi

सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त,
बचपन वाला इतवार अब नहीं आता
बहुत याद आते है जिसमे गुड्डे गुड़िया की सादी और बैंड बाजा था
जिसमे आप मेरी रानी थी और मैं आपका राजा था ।
बचपन से बुढ़ापे का बस इतना सा सफ़र रहा है
तब हवा खाके ज़िंदा था अब दवा खाके ज़िंदा हूँ
बड़े होने से मेरा मन डरता है
दिल के कोने में अभी भी एक मासूम बच्चा है
दौड़ने दो खुले मैदानों में,
इन नन्हें कदमों को जनाब
जिंदगी बहुत तेज भगाती है,
बचपन गुजर जाने के बाद
बचपन की वो यादें अब भी आती हैं
रोते में अब भी वो हँसा जाती हैं
बचपन शायरी 2 लाइन

बचपन में सुकून की नींद आती थी तब
मम्मी से अच्छे से पिटाई हो जाती थी जब
अब तो टेंशन भरे माहौल में गुजर जाती है शाम
होठों पर नहीं आती अब बचपन वाली मुस्कान
वो बचपन भी कमाल था
जिसका हर दिन बेमिसाल था
वक्त से पहले ही वो हमसे रूठ गयी है
बचपन की मासूमियत न जाने कहाँ छूट गयी है
कुछ अपनी हरकतों से
तो कुछ अपनी मासूमियत से
उनको सताया था मैंने
कुछ वृद्धों और कुछ वयस्कों को
इस तरह उनके बचपन से मिलाया था मैंने
Childhood Memories Shayari in Hindi

जिंदगी फिर कभी न मुस्कुराई बचपन की तरह
मैंने मिट्टी भी जमा की खिलौने भी लेकर देखे
जब भी बचपन याद आता है
मेरा मन एक बार फिर से मचल जाता है
कितने खुबसूरत हुआ करते थे
बचपन के वो दिन,
सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से
दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी
झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे
हम ये उन दिनो की बात है जब हम बच्चे थे
कौन कहता है कि बचपन वापस नही आता
दो घड़ी अपनी माँ के पास बैठ कर तो देखो,
खुद को बच्चा महसूस ना करो” तो फिर कहना
बचपन शायरी

बचपन में माँ से मिले दो रूपए जितने सपने खरीद सकते थे
आज खुद के कमाए लाखों रूपए भी उतने सपने नहीं खरीद सकते
जो सोचता था बोल देता था
बचपन की आदतें कुछ ठीक ही थी
मैदान में जमा हो कर जम कर खेलते थे
काश वो बचपन और वो दोस्ती फिर से लौट आए
ज़िन्दगी छोड़ आया हूँ कहीं उन गलियों मे
जहाँ कभी दौड़ जाना ही ज़िन्दगी हुआ करती थी
मत कर सुकून की बात ऐ ग़ालिब
बचपन का रविवार अब नहीं आता
बचपन भी कमाल का था
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें
या ज़मीन पर…
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी
Bachpan ki Shayari hindi me

पिता के कंधों पर बैठकर गांव घूमा
बड़े होने पर बचपन को शहर की सड़को पर ढूंढा
मां का आंचल और पापा के कंधों की याद सताती है
भले ही हो रहे हैं बड़े, लेकिन बचपन की याद अब भी आती है
कुछ नहीं चाहिए तुझ से ऐ मेरी उम्र-ए-रवाँ,
मेरा बचपन मेरे जुगनू मेरी गुड़िया ला दे।
एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर
नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर
एक इच्छा है भगवन मुझे सच्चा बना दो,
लौटा दो मेरा बचपन मुझे बच्चा बना दो
बचपन की मासूमियत शायरी

बचपन में घर छोड़कर भाग गया था
एक घंटे बाद भूख लगी, तो घर वापस आ गया था
मां की गोद पिता का कंधा,
बड़ा ही निराला था वो बचपन का फंडा
सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त
बचपन वाला इतवार अब नही आता
बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे
तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे
अब तो एक आंसू भी बर्दाश्त नहीं होता
और बचपन में जी भरकर रोया करते थे
याद है हमें आज भी वो बचपन का जमाना
जब हम स्कूल न जाने का बनाते थे बहाना।
वो बचपन तो कल ही आया था
जिसने हमें मुस्कुराना सिखाया था
Bachpan Par Shayari
काश लौट आए बचपन के वो दिन
जब गुजरते थे मस्ती में पूरे दिन
सुबह की पिटाई के बाद स्कूल जाता था
कभी-कभी रोते-रोते नाश्ता खाता था
न जाने कब बचपन बीता और मैं बड़ी हो गई,
शौक की जिंदगी अब जरूरतों में बदल गई
बेहद मजबूत होते हैं ये खास रिश्ते
तभी तो बचपन के दोस्त कभी नहीं छूटते
जब भी होता हूं उदास, मन में होती है एक ही आस
काश वापस लौटकर आ जाए, मेरे बचपन के दिन मेरे पास
बचपन भी बड़ा अजीब था हर कोई जीवन में करीब था
क्या बात करूं उस जमाने की हर रिश्ता खुद में अज़ीज़ था
Bachpan ki yaadein Shayari
वो बचपन भी क्या दिन थे मेरे न फ़िक्र कोई न दर्द कोई
बस खेलो, खाओ, सो जाओ बस इसके सिवा कुछ याद नही
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में,
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
बेल बजने से पहले स्कूल से निकलने के लिए तैयार हो जाते थे
मम्मी-पापा से पैसे लिए बिना स्कूल नहीं जाते थे
वो क्या दिन थे
मम्मी की गोद और पापा के कंधे,
न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे
न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने
अब कल की फिकर और अधूरे सपने
मुड़ कर देखा तो बहुत दूर हैं अपने
मंजिलों को ढूंडते हम कहॉं खो गए
न जाने क्यूँ हम इतने बड़े हो गए
Bachpan shayari on life
हमें याद है आज भी वो दिन
जब पिटाई खाकर गुजरते थे दिन
बचपन की कहानी थी बड़ी सुहानी,
बचपन में रह जाता, नहीं आनी थी जवानी
मेरी जिंदगी का वो बेहतरीन हिस्सा है
जिसमें मेरे रोने का किस्सा है
जिसमें न थी रोने की वजह और हंसने का बहाना
न जाने कहां चला गया वो बचपन का जमाना
खेलते-खेलते दिन बिता देते थे
बचपन में खेल में खुद को भुला देते थे
बचपन की तो बात ही खास है,
चोर-पुलिस खेलना आज भी याद है
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बचपन पर शायरी
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क्यो हो गए हम इतने बडे
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अनगिनत हैं किस्से, अनगिनत हैं कहानियां
आज भी याद है वो बचपन का खिलखिलाना
जब होता था दोस्तों के साथ रूठना-मनाना
बड़ी सुहानी थी बचपन की कहानी
रह गई बस यादें और आ गई ये जवानी।
Hindi Shayari on Bachpan
bachpan ki kahani Yad Nahin
baten purani Yad Nahin,
Maa Ke Aanchal ka ilm To Hai
Par wo nind Ruhani Yad Nahin.
der tak hansta Raha Un per Hamara Bachpana,
Jab tajurbe Aaye The Sanjida banane ke liye.
kai Sitaron Ko Main Jaanta hun Bachpan se,
Kahin Bhi Jao Mere Sath Sath Chalte Hain.
Ajeeb Saudagar hai ye Waqt Bhi,
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Char Dost
Do Cycle,
Khali Jeb
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ye bhi tha Zindgi ka,
Us daur me hum socha karte the ki
kuchh behtar hasil karenge,
hame kya pata tha ki
usse behtar kuchh tha hi nahi
Bachpan Shayari in English
Jyada Kuchh Nahin Badalta Umra badhane ke sath,
bachpan ki Jid samjhauto Mein Badal Jaati Hai.
Jhooth bolate the Fir Bhi kitne sacche the ham,
yah Un Dinon Ki Baat Hai Jab bacche the hum.
Bachpan Mein To Shamen Bhi Hua karti thi,
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itni Chahat to Lakhon rupaye
pane ki hi Nahin Hoti,
jitni bachpan ki tasvir Dekhkar
Bachpan Mein Jaane Ki hoti hai.
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