डॉ भीमराव अंबेडकर शायरी
जो जंज़ीर में भी सोचता रहा आसमान की,
वो इंसान नहीं वो क्रांति था ज़मीन का
भीम जी ने हमें बलवान बना डाला है
हटा ना पाए वह चट्टान बना डाला है
नए युग की हमें पहचान बना डाला है
और हवा के झोंके को तूफान बना डाला है
खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये
लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये
जिन्हे चलना, संभलना याद न था
आज धूल से उठकर आसमान बन गये
ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने
अरे ठुकराया था उस दुनिया ने
तो पहले गले से लगाया तुमने
संकल्प मजबूत है, साथ में जय भीम का मार्ग है,
जीत हमारी ही होगी, ये विश्वास ही हमारा भाग्य है
बाबा साहेब ने हमेशा ek ही nara दिया,
कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया
नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोली,
भीम ने इंसानियत को नई ज़बान दी
Jay bhim shayari hindi attitude
जिस पर चलता रहेगा ये भारत सदा
ऐसा इक रस्ता टीम बाबा बना गये
हिन्द की सरजमीं पर मेरे दोस्तों
भीम ने इक नया इतिहास लिख दिया
- जय भीम *
संघर्ष की राह पर जो डिगा नहीं कभी,
वो भीम था जो झुका नहीं किसी के आगे कभी
भीम ने आंखें खोली हर कोई इंसान बन गया
भीम ने जुबा खोली हर कोई तूफान बन गया
भीम ने किताब खोली हर कोई विद्वान बन गया
भीम ने कलम खोली इस देश का संविधान बन गया
भीम की ताकतें तो हमारी आवाज़ों में भी बसती हैं
हमारी आवाज़ों में उनकी आवाज़ें होती हैं
जो हमें फ़्राईफ़ परतें हैं, वो भूल कर टुकड़े हैं
हमारी सेनाओं से Duniya को मिला देंगे, ये हमारा वादा है
Baba saheb 2 line shayari
रुतबा मेरे सर को तेरे संविधान से मिला है
ये सम्मान भी मुझे तेरे संविधान से मिला है
औरो को जो मिला है वो मुकदर से मिला है
हमें तो मुकदर भी तेरे संविधान से मिला है
ना ‘जिंदगी’ की खुशी* ना ‘मौत’ का गम
जब तक है..दम..”जय भीम” कहेंगे हम
रुतबा मेरे सर को तेरे संविधान से मिला है
ये सम्मान भी मुझे तेरे संविधान से मिला है
औरों को जो मिला है मुकद्दर से मिला है
हमें तो मुकद्दर भी तेरे संविधान से मिला है
पोथियाँ पढ़कर नहीं, ज़िंदगी पढ़कर बड़े हुए,
बाबा की डिग्री से बड़ी उनकी इंसानियत थी
हमने अपनी लड़ाई खुद लड़ी है,
जय भीम की शरण में हम तो हमेशा से ही खड़े हैं
बाबा तेरी कलम के बल हम राज करते है
तेरी करनी पे बाबा हम नाज करते है।
बदलेगा वक्त ओर जमाना भी
जय भीम के उदघोष से ये आगाज करते है
क़लम उठी तो सदियों का अँधेरा मिट गया,
भीम के हाथ से संविधान का सवेरा निकला
Ambedkar Quotes In Hindi
पैदा ना होता वो मसीहा तो
खुशियों का सिलसिला ना होता
बेरंग रहती है जमी
और आसमान का रंग नीला नहीं होता
भारत कबका कंगाल हो जाता यारों
अगर भीमराव अंबेडकर जैसा हीरा मिला नहीं होता
ना राम ने दिया है ना कृष्ण ने दिया है-2
हमको जो कुछ भी दिया है
बाबा साहब आपके संविधान ने दिया है
सुनकर जमाने की बाते हम अपने
आपको” नही बदलते
भरोसा रखते है हम खुदसे
भी ज्यादा अपने “बाप” के विचारो पर
इसलिए हम जय भिम वाले
कभी अपने “बाप” को नही बदलते
जय भीम
रुतबा मेरे सर को बाबा साहब आपके संविधान से मिला है,
ये सम्मान भी मुझे सिर्फ आपके संविधान से मिला है
नजारों मे नजारा देखा एसा नजारा नही देखा,
आसमान मे जब भी देखा
मेरे भीम जैसा सितारा नही देखा
ताजमहल अगर प्रेम की निशानी है,
तो 14 अप्रैल एक शेर की कहानी है
Ambedkar Jayanti Quotes & Wishes in Hindi
भीम जी ने हमे बलवान बना डाला है
हटा ना पाये वो चट्टान बना डाला है
नये युग की हमे पहचान बना डाला है
और हवा के ये झोके को तुफान बना डाला है
बाबा साहब तेरी कलम पर हम राज करते हैं
तेरी करनी पर बाबा साहब नाज करते हैं
बदलेगा वक्त और जमाना भी
जय भीम के उदघोष से आगाज करते है
एक इंसान ने लिखी इतने करोड़ों की तक़दीर,
बाबासाहेब का नाम हर क़लम की इज़्ज़त है
थामा हुआ है हाथ मेरा आपने
मुझको मालूम है
मेरे हर पल हर लम्हों में
मेरे बाबा साहब प्यार तुम्हारा है
हमने किसी से नहीं, बल्कि खुद से सीखा है संघर्ष,
भीम के आदर्शों से हम चले हैं जीवन में आगे बढ़ने की तरफ
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Br ambedkar quotes hindi english
Bhimrao ne jab qalam uthaai thi,
Duniya ko ek naya qaanoon mil gaya.
Unhone patthar nahi — haq ki fasal boi thi,
Aaj hum us fasal ki roti kha rahe hain.
Jo mitti ko bhi sona bana de apne chhune se,
Vo insaan Bhimrao kehlaata hai zamaane mein.
Baba ke janam se ek nayi subah aayi thi,
Vo subah aaj bhi hamare gharon mein roshan hai.
Babasaheb ne sikhaya — rona nahi, ladna hai,
Zulm sahna nahi — uska hisaab maangna hai.
Samaaj ne roka, vyavastha ne toda chaaha,
Par Babasaheb ki rooh ne kabhi haar na maani.
Pahadon se takrakar jo nadi bankar bahe,
Vo Bhimrao tha — raasta khud banaata tha.
Pita jo kabhi mila nahi samaaj ko vo Bhim tha,
Usne apne bachhon ko Samvidhan de diya.
Bhimrao ke akshar nahi — vo aazaadi ke naqshe the,
Har pankti mein ek desh ka bhavishy chhupa tha.
Ek insaan ne likhi itne crooron ki taqdeer,
Babasaheb ka naam — har qalam ki izzat hai.
Jab bhi hum Samvidhan ki kitaab chhute hain,
Usmein Babasaheb ki ungliyon ki garmi hoti hai.
Jiske naam par aansu bhi garv se bahte hain,
Vo baba tha jiski koi upama nahi.
Jisne bhukhe pet padhaai ki raat bhar,
Vo Babasaheb tha — aaraam unhe manzoor na tha.
Jo naam sunte hi reedd seedhi ho jaae,
Vo naam hai Bhimrao — hamaara abhimaan.
Zanjeerein todna unki aadat thi,
Bhimrao ki aadatein itihaas badal deti hain.
Babasaheb ki yaad aati hai to seena tan jaata hai,
Ek naam se itni taaqat — yahi unki virasat hai.
Bhimrao ki aankhon mein laakhon ka dard tha,
Aur unhi aankhon mein laakhon ki ummeed bhi.
Conclusion
दोस्तों हम आशा करते हैं की आपको हमारा ये पोस्ट Dr. Bhimrao Ambedkar Shayari in Hindi पढ़कर अच्छा लगा होगा, Ambedkar Par Shayari उनके पूरे नाम और विरासत को सम्मान देती है।
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